उत्तराखंड सरकार के तीन वर्षों का कार्यकाल 23 मार्च को पूरा हो रहा है। इस अवसर पर राज्यभर में 22 से 25 मार्च तक जन सेवा थीम पर आधारित बहुद्देश्यीय शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। 22 मार्च को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा अल्मोड़ा से इस कार्यक्रम की शुरुआत की जाएगी, जिसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। यह कार्यक्रम राज्यभर में व्यापक उत्साह के साथ मनाया जा रहा है, और जनता एवं कार्यकर्ताओं में इस आयोजन को लेकर खासा जोश देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में ऐतिहासिक कार्यकाल
भा.ज.पा. के जिलाध्यक्ष महेश नयाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार के तीन वर्ष के कार्यकाल को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि इस कार्यकाल के दौरान राज्य ने विकास के कई नए आयाम छुए हैं। महेश नयाल ने कहा, “मुख्यमंत्री धामी के कुशल नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार ने साहसिक और जनहित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं, जो राज्य के लिए ऐतिहासिक साबित हुए हैं।”
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में धामी सरकार ने उत्तराखंड की पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण कानून और नीतियां लागू की हैं, जिनका राज्य के विकास पर दूरगामी प्रभाव पड़ेगा। उदाहरण के तौर पर, उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन गया है, जिसने समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की है। इस कदम से राज्य में समान अधिकार की संकल्पना को साकार किया गया, जिससे हर नागरिक को समान अधिकार मिले।
सख्त नकल विरोधी कानून और भू कानून की शुरुआत
महेश नयाल ने बताया कि मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड में युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है। यह कदम राज्य के प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने और परीक्षा प्रक्रिया में भ्रष्टाचार को रोकने के लिए बहुत महत्वपूर्ण साबित हुआ है। इसके अलावा, राज्य में भू कानून की शुरुआत भी मजबूत सरकार और नेतृत्व का प्रतीक है, जिससे जनता में सुरक्षा का भाव उत्पन्न हुआ है और भूमि संबंधित समस्याओं का समाधान हुआ है।
पर्यटन और कनेक्टिविटी में अभूतपूर्व वृद्धि
उत्तराखंड के लिए पर्यटन एक महत्वपूर्ण आर्थिक स्रोत है, और मुख्यमंत्री धामी ने अपनी सरकार के कार्यकाल में पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए कई योजनाओं को लागू किया। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में राज्य सरकार द्वारा लागू की गई पर्यटन आधारित नीतियों और राज्य में सुदृढ़ होती कनेक्टिविटी के परिणामस्वरूप उत्तराखंड में आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। यह वृद्धि न केवल राज्य के विकास में सहायक रही है, बल्कि इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित हुए हैं।
सांस्कृतिक धरोहरों की सुरक्षा और संरक्षण
मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने उत्तराखंड की सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षित करने और संवारने के कार्य को प्राथमिकता दी है। उन्होंने राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य के सांस्कृतिक स्थलों और धार्मिक धरोहरों का संरक्षण और संरक्षण कार्य किया है। इस कार्य से राज्य की संस्कृति को नया जीवन मिला है और आने वाले वर्षों में यह सांस्कृतिक धरोहर भविष्य की सुखद राह प्रस्तुत करेगी।
जन सेवा शिविर और जनता से संवाद
उत्तराखंड सरकार के तीन वर्षों का कार्यकाल समाप्त होने पर शुरू किए जा रहे जन सेवा शिविर जनता की सेवा और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए बहुत महत्वपूर्ण साबित होंगे। महेश नयाल ने इस कार्यक्रम को लेकर कहा, “मुख्यमंत्री धामी ने ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ की नीति पर चलते हुए जनहितैषी योजनाओं को धरातल पर उतारने का कार्य किया है। ये शिविर जनता के लिए एक बेहतर अवसर साबित होंगे, जिनमें उनकी समस्याओं का निराकरण किया जाएगा।”
उन्होंने कार्यकर्ताओं से भी अपील की कि वे इन शिविरों का हिस्सा बनें और सरकार की योजनाओं के बारे में जनता को जागरूक करें। इन शिविरों के माध्यम से सरकार की योजनाओं के लाभार्थियों तक पहुंचने के प्रयासों को भी बल मिलेगा।
कार्यकर्ताओं का उत्साह और सहयोग
महेश नयाल ने कहा कि अल्मोड़ा में इस कार्यक्रम की शुरुआत होना एक सुखद अवसर है और सभी कार्यकर्ता इस कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रशासन को भरपूर सहयोग देंगे। उन्होंने जनता से भी अनुरोध किया कि वे इस कार्यक्रम में भाग लेकर इसे सफल बनाने में अपना योगदान दें। कार्यकर्ताओं और प्रशासन का यह साझा प्रयास राज्य की बेहतरी और विकास की दिशा में महत्वपूर्ण होगा।
उत्तराखंड सरकार के तीन वर्ष का कार्यकाल निश्चित रूप से कई ऐतिहासिक उपलब्धियों से भरा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य ने न केवल प्रशासनिक सुधार किए हैं, बल्कि पर्यटन, शिक्षा, रोजगार, और अन्य कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। जन सेवा शिविर जैसे आयोजन सरकार और जनता के बीच एक महत्वपूर्ण संवाद का अवसर प्रदान करेंगे, जिससे राज्य के विकास को नई गति मिलेगी। इस मौके पर राज्य के कार्यकर्ताओं को भी अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए जनता की सेवा में और अधिक योगदान देने का अवसर मिलेगा।