उत्तराखंड में ‘नशा नहीं, रोजगार दो’ जनअभियान को लेकर जन जागरूकता फैलाने का सिलसिला जोरों पर है। अभियान संयोजक पी.सी. तिवारी ने अपनी टीम के साथ गरुड़, टीट बाजार, कौसानी, चनौदा, सोमेश्वर, मनान और कोसी जैसे विभिन्न क्षेत्रों में नुक्कड़ सभाएं और जनसभाएं आयोजित कीं। इन सभाओं के दौरान उन्होंने जनता से अपील की कि वे इस जन अभियान को सफल बनाने और उत्तराखंड की मूल अवधारणा को साकार करने के लिए एक बड़े सामाजिक आंदोलन में भाग लें।
विभिन्न नुक्कड़ सभाओं को संबोधित करते हुए उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी (उपपा) के केंद्रीय अध्यक्ष पी.सी. तिवारी ने कहा कि 41 साल पहले जिस प्रखर जन आंदोलन की शुरुआत हुई थी, वह आज और भी सशक्त होकर सामने आया है। उन्होंने उत्तराखंड में नशे की बढ़ती समस्या और बेरोजगारी के भयावह रूप पर गहरी चिंता व्यक्त की। तिवारी ने आरोप लगाया कि पिछले 25 वर्षों में सत्ता में रही सरकारों ने प्रदेश के प्राकृतिक संसाधनों – जल, जंगल, जमीन और कृषि – को पूरी तरह से नष्ट कर दिया है।
तिवारी ने याद दिलाया कि खटीमा, मसूरी और मुजफ्फरनगर कांड जैसी ऐतिहासिक घटनाओं के संघर्ष से ही उत्तराखंड राज्य का गठन हुआ था, लेकिन अब इसकी अस्मिता और मूल अवधारणा खतरे में है। उन्होंने सरकारों पर यह आरोप भी लगाया कि वे उत्तराखंड की जमीनी सच्चाई से अंजान हैं और उनके नेता पूंजीपतियों और माफियाओं के प्रभाव में काम कर रहे हैं। इसके चलते प्रदेश की जमीनें स्थानीय नागरिकों के हाथ से निकल रही हैं और चुनावों के दौरान युवाओं को शराब व पैसे का लालच देकर गुमराह किया जा रहा है।
उपपा अध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि इस राजनीतिक स्थिति को बदलने और उत्तराखंड को बचाने के लिए एकजुट संघर्ष की जरूरत है। उन्होंने कहा कि 41 साल पहले शुरू हुआ आंदोलन आज भी प्रासंगिक है और सत्ता में बैठे लोग अब समझने लगे हैं कि ‘नशा नहीं, नौकरी दो’ की मांग जनता की मूल आवश्यकता है।
तिवारी ने स्पष्ट किया कि यह अभियान पूरे उत्तराखंड में जारी रहेगा और इसके तहत सामाजिक, राजनीतिक और व्यवस्थागत परिवर्तन की सभी शक्तियों को एकजुट किया जाएगा। उन्होंने जनता से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में संगठित होकर समाज को नशे से मुक्त करने और नशे की राजनीति के विरुद्ध संघर्ष करने के लिए आगे आएं। साथ ही, रोजगार के अधिकार को मौलिक अधिकार बनाने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाएं।
इस अभियान के दौरान बागेश्वर, चमोली, रुद्रप्रयाग और पौड़ी में भी जोशीले प्रयास किए गए। इस अवसर पर उपपा के महासचिव नरेश नौड़ियाल, दिनेश उपाध्याय, चारु तिवारी, एड रंजना सिंह, एड गोविंद सिंह भंडारी, उमेश जोशी, डॉ. भीम सिंह मनकोटी, अनिल स्वामी, रेशमा पंवार, हीरा देवी, मनीष सुंदरियाल, विनीता कठैत, सुरजी देवी, गणेशी देवी और उछास की भावना पांडे समेत कई अन्य कार्यकर्ता शामिल रहे।