अल्मोड़ा – मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन छात्रवृत्ति योजना के संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक विकास भवन सभागार में आयोजित की गई। बैठक में इस योजना के चयन और संचालन को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। मुख्य विकास अधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस योजना के तहत सभी कार्यों को व्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से किया जाए और सुनिश्चित किया जाए कि चयन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता न हो।
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि चयन के दौरान यह सुनिश्चित किया जाए कि केवल वही बच्चे चयनित हों जो वास्तव में प्रतिभाशाली हों और पात्रता की श्रेणी में आते हों। इस योजना के तहत चयनित बच्चों को मासिक छात्रवृत्ति दी जाएगी, जिसका उद्देश्य उनकी खेल प्रतिभाओं को और निखारना है।
बैठक में जिला क्रीड़ा अधिकारी महेशी आर्य ने योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में 8 से 14 वर्ष आयु के कुल 150 बालक और 150 बालिका खिलाड़ियों को प्रति माह 1500 रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। इसके लिए चयन प्रक्रिया इस प्रकार होगी कि प्रत्येक विद्यालय से 2 बालक और 2 बालिकाओं का चयन संबंधित विद्यालयों द्वारा स्वंय किया जाएगा। इसके बाद, चयन प्रक्रिया शारीरिक दक्षता परीक्षण और चयन समिति द्वारा की जाएगी, जो अंततः जनपद स्तर पर होगी।
महेशी आर्य ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत चयन के लिए आवश्यक पात्रता मानदंड हैं कि बच्चे 8 से 14 वर्ष आयु के हों और उत्तराखण्ड राज्य के स्थायी निवासी हों। आयु की गणना चयनित वर्ष के 1 जुलाई 2025 से की जाएगी। उन्होंने चयन प्रक्रिया के लिए समय सीमा भी साझा की, जिसके अनुसार न्याय पंचायत स्तर और नगर पंचायत स्तर पर चयन 2 से 5 अप्रैल, 2025 तक, विकासखंड और नगर निगम/नगरपालिका स्तर पर 6 से 9 अप्रैल, 2025 तक और जिला स्तर पर 11 से 15 अप्रैल, 2025 तक हेमवती नन्दन स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने बताया कि इस योजना के बारे में अधिक जानकारी और छात्रवृत्ति के लिए पंजीकरण Khelouk.in पोर्टल पर किया जा सकता है, और इसके अलावा जिला खेल कार्यालय के मोबाइल नंबर 895427287, 9690044505, और 8475877421 पर भी संपर्क किया जा सकता है।
इस बैठक के दौरान योजनाओं के सही और समय पर कार्यान्वयन को लेकर सभी संबंधित अधिकारियों ने अपनी जिम्मेदारियों को समझा और इस योजना को सफल बनाने के लिए तत्परता दिखाई।