अल्मोड़ा: अल्मोड़ा की जीवनरेखा मानी जाने वाली कोसी नदी के उद्गम स्थल सोमेश्वर घाटी के जंगलों को आग से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से आज चौथा ओण दिवस सोमेश्वर में बड़े धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर जंगल की आग पर नियंत्रण के लिए पारंपरिक प्रथाओं को समयबद्ध करने और जनसहभागिता के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में जागरूकता फैलाने पर विशेष ध्यान दिया गया।
कार्यक्रम में पहुंचे जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडेय ने कहा कि नदियों को बचाना हो या जंगलों की आग पर काबू पाना हो, ये सभी कार्य जनसहभागिता के बिना संभव नहीं हैं। उन्होंने जोर दिया कि जल, जंगल और जमीन हम सभी के हैं, और इनका संरक्षण करने का दायित्व भी हम सभी का है। उन्होंने बताया कि सरकारी विभागों के साथ-साथ जनसहभागिता से ही जंगल की आग पर काबू पाया जा सकता है।
जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि जंगल में लगी आग को बुझाने में मशक्कत करने से बेहतर है कि हम उस आग को लगने ही न दें। उन्होंने उत्तराखंड की मातृशक्ति की भूमिका को हर क्षेत्र में अग्रणी बताया और जंगलों में आग लगाने वाले अराजक तत्वों की पहचान कर उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाने की बात कही।
प्रभागीय वनाधिकारी दीपक सिंह ने भी जनसामान्य से मिलजुलकर इस समस्या का समाधान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जंगल की आग से पर्यावरण को भारी नुकसान होता है, जिससे जंगली जानवरों, पक्षियों और छोटे कीड़े-मकोड़ों का नाश होता है, जो पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन में अहम भूमिका निभाते हैं।
इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्राम प्रहरियों, महिला मंगल दलों और सरपंचों ने भाग लिया और एक स्वर में जंगलों में लगने वाली आग को रोकने का आह्वान किया। वक्ताओं ने जोर दिया कि “जंगल हमारे हैं, इन्हें बचाने की जिम्मेदारी भी हमारी है।”
अल्मोड़ा वन प्रभाग और जिला आपदा प्रबंधन समिति अल्मोड़ा द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में क्षेत्रवासियों ने 1 अप्रैल के बाद ओण न जलाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर शीतलखेत की जंगल के दोस्त समिति ने भी महत्वपूर्ण सहयोग दिया और अपने अनुभव साझा किए। इस समिति ने जंगलों को बचाने के अपने मॉडल पर प्रकाश डाला और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को रेखांकित किया।
कार्यक्रम में संयोजक जंगल के दोस्त समिति गजेंद्र पाठक, तहसीलदार नेहा धपोला, पूर्व वन क्षेत्राधिकारी बलवंत सिंह साही समेत अन्य अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।