आज कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडेय की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण राजस्व संवर्धन बैठक का आयोजन किया गया। बैठक का उद्देश्य जनपद में राजस्व संग्रहण को बढ़ाना और इसे बेहतर बनाने के उपायों पर चर्चा करना था। जिलाधिकारी ने बैठक में मौजूद अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि टैक्स कलेक्शन के मामले में कोई भी लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी, क्योंकि सरकार की आय मुख्य रूप से टैक्स के जरिए ही आती है, और उसी आय से जनहित की योजनाओं का निर्माण किया जाता है।
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि “सरकार की आय टैक्स से होती है, उसी टैक्स से सरकार जनहित में योजनाओं का निर्माण करती है। इसलिए टैक्स कलेक्शन के प्रति लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।” उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों से आग्रह किया कि जो लक्ष्य विभागों को राजस्व संग्रहण के लिए दिए गए हैं, उन्हें शत प्रतिशत पूरा करने का प्रयास किया जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि बड़े व्यापारी और ठेकेदार टैक्स चोरी से बच सकें, इसके लिए संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहना होगा। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि समय-समय पर छापेमारी की जाए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कहीं टैक्स चोरी तो नहीं हो रही है। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि टैक्स कलेक्शन को बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जाएं और सभी संभव कदम उठाए जाएं।
राज्य कर विभाग के अधिकारियों को जिलाधिकारी ने विशेष निर्देश दिए कि वे व्यापारियों के साथ समय-समय पर बैठकें आयोजित करें। इन बैठकों में व्यापारियों को टैक्स से संबंधित नियमों, प्रावधानों और कानूनों के बारे में जानकारी दी जाए, ताकि वे टैक्स भुगतान में कोई गलती न करें और सही तरीके से टैक्स का भुगतान कर सकें।
बैठक में अपर जिलाधिकारी सीएम मार्तोलिया, डिप्टी कलेक्टर याक्षी अरोड़ा, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी एके झा, अधिशासी अभियंता सिंचाई मोहन सिंह रावत समेत अन्य संबंधित अधिकारी भी उपस्थित थे। सभी अधिकारियों ने बैठक में जिलाधिकारी द्वारा दिए गए निर्देशों को गंभीरता से लिया और आगामी कार्यवाही के लिए अपने-अपने विभागों में सुधार और संवर्धन की योजना बनाने का वादा किया।
यह बैठक राजस्व संग्रहण को लेकर एक नई दिशा की ओर इशारा करती है, और इससे यह भी स्पष्ट होता है कि सरकार के लिए टैक्स कलेक्शन एक प्राथमिकता है। जिलाधिकारी की कड़ी निगरानी और सतर्कता से न केवल राजस्व संग्रहण में वृद्धि होगी, बल्कि राज्य की योजनाओं के लिए आवश्यक संसाधन भी उपलब्ध होंगे, जिससे जनहित में काम किए जा सकेंगे।