वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अल्मोड़ा, देवेन्द्र पींचा के नेतृत्व में नशे के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। “ड्रग्स फ्री देवभूमि मिशन 2025” को साकार करने की दिशा में SSP ने जिला पुलिस को अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, बिक्री और भंडारण करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के लिए निर्देशित किया है।
इसी कड़ी में, दिनांक 16 फरवरी 2025 को रात 11:30 बजे अपर पुलिस अधीक्षक हरबन्स सिंह और सीओ अल्मोड़ा गोपाल दत्त जोशी के पर्यवेक्षण में कोतवाली अल्मोड़ा पुलिस और एसओजी टीम द्वारा संयुक्त रूप से चैकिंग की गई। यह चैकिंग करबला तिराहे से 150 मीटर दूर बेस तिराहे की तरफ मुख्य मार्ग पर की गई। इस दौरान पुलिस टीम ने शुभम सिंह बिष्ट के कब्जे से 106 ग्राम स्मैक और सिक्की खान के कब्जे से 1.14 किलोग्राम अफीम (1 किलो 14 ग्राम) बरामद की। दोनों तस्करों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कोतवाली अल्मोड़ा में NDPS अधिनियम के तहत एफआईआर पंजीकृत कर आवश्यक कार्यवाही की जा रही है।
पूछताछ में यह जानकारी सामने आई कि शुभम सिंह बिष्ट मूल रूप से लमगड़ा, अल्मोड़ा का निवासी है। वह सिरौली, बरेली से स्मैक और अफीम लाकर इन्हें छोटे-छोटे पुड़िया में बांटकर बेचता था। शुभम ने स्मैक और अफीम बेचने के लिए सिक्की खान को अपने साथ लाया था।
आपराधिक इतिहास: शुभम सिंह बिष्ट के खिलाफ जिला नैनीताल में एनडीपीएस एक्ट और अन्य धाराओं में तीन मुकदमे पंजीकृत हैं। दोनों आरोपियों के खिलाफ आपराधिक इतिहास की जानकारी ली जा रही है।
गिरफ्तार अभियुक्तों की जानकारी:
शुभम सिंह बिष्ट (उम्र- 29 वर्ष), पुत्र धरम सिंह बिष्ट, वर्तमान में नैनी होटल आउट हाउस कम्पाउण्ड, माल रोड, थाना मल्लीताल, जिला नैनीताल का निवासी।, सिक्की खान (उम्र- 20 वर्ष), पुत्र दिल्लन खान, निवासी प्यास, थाना सिरौली, जिला बरेली, उत्तर प्रदेश।
बरामदगी और कीमत:
106 ग्राम स्मैक (कीमत- 31,80,000 रुपये)
1.14 किलोग्राम अफीम (कीमत- 1,14,000 रुपये)
एसएसपी अल्मोड़ा की इस पहल से नशे के खिलाफ एक मजबूत संदेश दिया गया है और तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रखने की प्रतिबद्धता को बल मिला है। पुलिस टीम के सदस्य उ0नि0 संतोष तिवारी (कोतवाली अल्मोड़ा), हेड कांस्टेबल कैलाश चंद्र (कोतवाली अल्मोड़ा), कांस्टेबल राकेश भट्ट (एसओजी अल्मोड़ा) और कांस्टेबल इंद्र कुमार (एसओजी अल्मोड़ा) इस सफल अभियान में शामिल थे।
यह कार्यवाही न केवल ड्रग्स की तस्करी पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह समाज में नशे के खिलाफ जागरूकता और पुलिस की सक्रियता को भी उजागर करती है। एसएसपी देवेन्द्र पींचा के नेतृत्व में यह अभियान नशे के खिलाफ एक बड़ी जीत साबित हो रही है।